रूपा सा – एक एसिड अटैक सर्वाइवर महिला की बहादुरी की कहानी

0
53
Roopa Sa - Story of bravery of an acid attack survivor woman

इस लेख में हम आपको बताने जा रहे है समाज की एक बहादुर महिला रूपा सा(Roopa Sa) की कहानी है, जो कि एक एसिड अटैक सर्वाइवर(acid attack survivor ) है |वह एक कैफे चलाने वाली कुछ बहादुर महिलाओं में से एक है, जो सोचती है कि जिंदगी में मिली असफलता को भी कड़ी मेहनत से सफलता में बदला जा सकता है | ये कहानी उसकी आजादी की लड़ाई है, उसकी आजादी की तलाश है।

Live MCX

रूपा शेरोज़ हैंगआउट(Hangout) में काम करती हैं जो दुनिया की पहली कैफे चेन है जिसे महिला एसिड अटैक सर्वाइवर्स द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह एक सामाजिक कैफे है जो एसिड अटैक सर्वाइवर्स को सशक्त बनाने के लिए स्थापित किया गया है और आज हमारे इस समाज के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा  का स्रोत भी है ।यह कैफे आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के फतेहाबाद रोड पर स्थित है। यह कैफे स्टॉप एसिड अटैक अभियान की एक पहल है जो 2014 में आगरा में शुरू हुई थी।

आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया में हर वर्ष लगभग 1500 एसिड अटैक मामलो में 1000 मामले हमारे देश भारत में ही दर्ज किये जाते है जबकि हमारे देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट एसिड अटैक को वर्ष 2013 में ही एक क्रिमिनल एक्ट घोषित कर चुका है लेकिन आज भी हमारे समाज की मानसिकता और सोच ऐसी है कि कानून का खौफ भी लोगो को एसिड अटैक जैसे घिनौने क्रत्त्य करने से रोक नही पाता है |

रूपा ने हमारी न्यूज़ टीम को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि उनपर वर्ष 2008 में उनकी सौतेली माँ ने ही पारिवारिक कलह में एसिड से हमला कर दिया तब उनकी आयु मात्र 13 वर्ष थी |उन्होंने हमारी न्यूज़ टीम को अपने साक्षात्कार के दौरान एसिड अटैक होने के बाद उनके जीवन में क्या क्या बदलाव आये,इस समाज की सोच एक एसिड अटैक पीड़ित के लिए कैसी होती है और वो जीवन में कितना संघर्ष करके यहाँ तक पहुंची है,उसकी पूरी कहानी बताई जो कि आप नीचे दिये गये लिंक को क्लिक करके देख सकते है और कृपया हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले:-

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here