गंदा है पर धंधा है! गोल्ड स्मगलिंग के नए-नए तरीके, ऐसी-ऐसी जगहों को भी नहीं छोड़ रहे तस्कर

0
290

गंदा है पर धंधा है! गोल्ड स्मगलिंग के नए-नए तरीके, ऐसी-ऐसी जगहों को भी नहीं छोड़ रहे तस्कर।
आपको तो पता ही होगा की हमारे देश में सोने की कितनी ज्यादा मांग है, अगर सरकार किसी वस्तु पर ज्यादा टैक्स लगा देती है, तो उसकी तस्करी होना शुरू हो जाता है, यही मामला सोने के साथ भी हुआ है, जिसके कारण देश में सोने की तस्करी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। तस्कर सोना लाने के लिए हर बार नए तरीके अपना रहे है। आइये हम आपको बताने जा रहे है, कि ऐसे क्या कारण है, जिससे देश में सोने की तस्करी में इजाफा हुआ है।
सोने की आयात पर 10 प्रतिशत टैक्स-
सरकार ने आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मे हो रहे घाटे को कम करने के लिए सरकार ने सोने के आयात पर 10 प्रतिशत टैक्स बढ़ाया था। यही तस्करी का सबसे बड़ा कारण बना। जिसके कारण पिछले वर्ष 2017-2018 के मुकाबले 2018-2019 में तस्करी का करीब दो गुना सोना तस्करों से जब्त किया गया है। मौजूदा वर्ष मे अब तक 35 केस में 20 किलो से ज्यादा सोना जब्त हो चुका है, जिसकी बाजार कीमत छह करोड़ रू से ज्यादा है। पिछले दो वर्ष 2017-2018 में करीब 12 किलो सोना जब्त हुआ था।
कानून की ढिलाई-
तस्करी बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण कानून की ढिलाई भी है। कस्टम एक्ट 104 के अनुसार यदि कोई एक करोड़ रू तक सोने की तस्करी में लिप्त पाया जाता है, तो उसे मौके पर ही विभाग के उच्च अधिकारी जमानत दे सकते हैं। इससे ज्यादा कीमत पर ही मामला कोर्ट तक जाता है और तस्कर को हिरासत में लेते हैं। ज्यादातर मामलों में सोने की वैल्यू 30 लाख तक होती है। ऐसे में तस्कर को एयरपोर्ट पर ही स्क्यिरिटी बॉन्ड भराकर छोड़ देते हैं।
सोना तस्कर अपना रहे हैं तस्करी के कैसे-कैसे तरीके-
कस्टम विभाग का कहना है कि तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पिछले दो सालों मे ज्यादातर मामलो में जूतों के सोल, रेक्टम, फॉइल पेपर के रूप में, एल्यूमिनियम की रॉड में, अटैची के हैंडल में, कोट के बटन, हैडफोन, हेरूर ड्रायर आदि में सोना छिपाकर लाया गया है। सांगानेर एयरपोर्ट पर सोमवार को ही सोने की फाइल लाए एक व्यक्ति को पकड़ा है। फाइल से 280 ग्राम सोना निकला है।
कारोबारियों का गिरोह शामिल-
सूत्रों के अनुसार इसके पीछे बड़े कारोबारियों का गिरोह काम कर रहा है, जो खाड़ी देशो में काम कर रहे लोगों से और यहां से युवाओं को भेजकर सोना मंगवा रहे हैं। दरअसल एक किलो सोने पर से कस्टम ड्यूटी हटा दी जाए, तो उस पर तस्करों को तीन लाख रू से ज्यादा का फायदा मिलता है। एक करोड़ तक के सोने पर 10 लाख का फायदा होता है। ऐसे में बड़े कारोबारी यहां से युवाओं को खाड़ी व अन्य देशों में भेजते हैं। उन्हें फ्लाइट का टिकट दिलाते हैं और कुछ पैसे देते हैं। टिकट एक से डेढ़ पूर्व कराते हैं तो 5 से सात हजार की खर्च आता है और कमाई पूरी होती है। भारत में लाए सोने का विदेशी छाप-चिन्ह हटाने के लिए उसे पिघलाया जा रहा है और स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है। राजस्व खुफिया निदेशालय ने विश्व स्वर्ण परिषद को इस मामले में वैश्विक स्तर पर जांच करने के लिए कहा है ताकि वे देश में अवैध उद्देश्यों के लिए बनाई गई इन पिघलाने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करें।

Facebook Comments
Live MCX

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here