उ.प्र. सर्राफा एसोसिएशन की आगरा में हुई बैठक, आयात शुल्क बढ़ाने का किया विरोध

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आगरा-सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ने से राजस्व नहीं बल्कि तस्करी बढ़ेगी। इसका उदाहरण है 6 फीसद आयात शुल्क के समय सोने की खपत 800 किलो से आज 50 किलो होना। आखिर यह 750 किलो का अंतर कहा खप रहा है। यह बात उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा सोने व चांदी पर आयात शुल्क 10 से 12.5 प्रतिशत बढ़ने के विरोध में आयोजित बैठक में की गई। साथ्ज्ञ ही ऐलान किया कि सरकार ने मांग न मांनी तो आंदोलन किया जाएगा।

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इन पदाधिकारियों ने मंगलवार को अग्रवन में पत्रकार वार्ता आयोजित करके अपना पक्ष रखा। एसोसिएशन के मंडल संयोजक नितेश अग्रवाल ने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार को आयात शुल्क ढाई प्रतिशत बढ़ाने के बजाय 7.8 प्रतिशत तक कम करना चाहिये। विभिन्न संस्थाओं व एसोसिएशन द्वारा सरकार तक मांग पहुंचाई जा रही है। आयात शुल्क बढ़ने से देश में चोरी-छिपे सोना लाया जाएगा, इससे न तो सरकार को आयात शुल्क मिलेगा और न जीएसटी।

अन्य वक्ताओं ने कहा कि जब सोने पर आयात शुल्क छह प्रतिशत था तब शहर में लगभग 800 किलो सोने की खपत थी। आयात शुल्क 10 प्रतिशत होने से यह खपत मात्र 50 किलो में सिमट गई। आखिर यह 750 किलो के अन्तर की पूर्ति कहां से हो रही है। अब आयात शुल्क बढ़ा तो यह खपत और भी कम हो जाएगी। जिसका असर ईमानदारी से काम कर रहे स्वर्णकारों पर पड़ेगा। सरकार ने आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी को वापस न लिया तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा।

प्रेसवार्ता को संयुक्त महामंत्री अजय अवागढ़, आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष पीएन अग्रवाल, महानगर संयोजक राजू मेहरा, सहसंयोजक अशोक कुमार अग्रवाल, कुलभूषण गुप्ता, धीरज वर्मा, सुनील वर्मा व अन्य मौजूद थे।

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