चुराई वस्तु को खरीदने से कैसे बचें दुकानदार

0
245

यदि कोई व्यक्ति चुराई हुई वस्तु को विश्वास पूर्वक जानते हुये भी कि वह चोरी की है बेईमानी से प्राप्त करता है, या बरकरार रखता है है तो उसे एक निश्चित समय के लिये काराबास जो कि तीन बर्ष तक बढ़ाया भी जा सकता है, या आर्थिक दण्ड या फिर दोनो से भी दण्डित किया जा सकता है। परन्तु यह अपराध पीड़ित व्यक्ति (जिसकी वस्तु चोरी हुई है) हेतु समझौता कराने योग्य है।

Live MCX

 इस धारा से लोगो को फायदा है, तो कुछ सीधे-सरल लोग भी ठगों और चालू लोगो के झांसे में आकर इस 411 धारा के चपेट में आ सकते है। इस संबध में विचारपूर्वक प्रश्न यह है, कि दुकान स्वांमी कैसे परखे कि जो वस्तु वह ले रहा है, वह चोरी की है, या साहूकारों की अर्थात स्वयं की। चूंकि दुकान पर कोई ग्राहक आभूषण गिरवी अथवा बेचने के लिये आता है, तो अभी तक ऐसी कोई प्रकिया नही है, जिससे यह ज्ञात हो सके कि आभूषण चोरी का है, स्वंय का। तो इस स्थिति से दुकानदारों को धारा 411 एवं जालसाजों के फंदे से बचाने के लिये ये 5 उपाय उपयोगी हो सकते है।

यह भी पढ़ें –  आने वाले 2 साल में 30 % तक चढ़ सकता है सोना

1. ऐसा व्यक्ति जो बिना जानपहचान, संग्दित, मन्दबु़द्धि एवं नावालिग हो उससे किसी भी प्रकार की वस्तु न खरीदे जबतक कोई प्रतिष्ठित व्यक्ति आकर पहचान न कर ले अथवा वह यह गांरटी दे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रतिष्ठित व्यक्ति वहां मौजूद रहेगा।

2. यदि कोई प्रतिष्ठित व्यक्ति इन तरह के लोगो की पहचान सुनिश्चित कर देता है, तो दुकानदार सामग्री को खरीद सकता है, किन्तु जरूरी है, कि वह अपनी तरफ से भी पूरी तरह छानवीन कर ले, और बिक्री की रसीद पर दुकानदार संबधित प्रतिष्ठित व्यक्ति का भी हस्ताक्षर करा ले और अपनी दुकान पर सीसीटीवी कैमरे अवस्य लगवाये व हमेशा उन्हे ठीक अवस्था में रखे।

3. कभी भी जोड़े मे बिकने वाली वस्तु को अकेली नहीं खरीदे जैसे कि कंगन, बाली, पायल, झुमका आदि। जब तक     कि वस्तु बेचने वाला यह प्रमाणित नहीं कर देता कि जोड़े का एक गहना कहीं गिरा या चोरी हो गया हो अथवा मैने एक ही खरीदा हो उसके इस कथन के सत्यापन में ब्रिकी रसीद या प्रतिष्ठित व्यक्ति की गारटी आवश्यक हो।

4. हर सामान की खरीद फरोख्त की रसीद बनायें और ग्राहंक से वस्तु खरीदते वक्त उसका हस्ताक्षर जरूय कराये और भविष्य में होने वाली किसी भी परेशानी से बचने के लिय कानूनी विवाद होने पर बिक्रेता के जिम्मेदारी की बात रसीद में लिखी होनी चाहियें। इस रसीद को जरूरत पड़ने पर स्तमाल करे।

5. अनजान व्यक्ति से आभूषण खरीदते समय उसे थोड़ा भयभीत कर दे। उसे बताये कि जिस वस्तु को वह बेच रहा है, उसकी कीमत मॉकेट की कीमत से कम है, यदि वह फिर अपनी वस्तु बेंच देता है, तो कुछ गड़बड़ जरूर है ऐसी स्थिति में वस्तु कभी न खरीदें।

बिना गहन जॉच पड़ताल के चोरी का माल खरीदने के आरोप लगाकर दुकानदारो को फंसा दिया जाता है , यहाँ ज़रूरी है की संगठन स्तर पर इसके खिलाफ आवाज बुलन्द होती रहे, इसका दुरूप्रयोग रोकने के लिये अभी प्रयास जारी है लेकिन विचारणीय प्रश्न यह भी है, कि दुकानदार भी अपने स्तर से धारा 411 के फंदे से दूर रहने के लिये सहज और सतर्क रहना होगा। संगठन तो अपना काम कर रहा है, और करता ही रहेगा।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here